18 Sep 2026
-विधानसभा अध्यक्ष का आदेश रद्द, 23 अप्रैल 2024 से प्रभावी होगी अयोग्यता
हैदराबाद, 18 सितंबर (एजेंसी)। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने खैरताबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक दानम नागेंदर को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी. एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष जी. प्रसाद कुमार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें नागेंदर के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका खारिज कर दी गई थी। अदालत ने उनकी अयोग्यता 23 अप्रैल 2024 से प्रभावी मानी है।
भाजपा विधायक दल के नेता अलेटी महेश्वर रेड्डी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के हुजूराबाद विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत नागेंदर की अयोग्यता की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर की थी। अध्यक्ष द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद दोनों ने उच्च न्यायालय में इसे चुनौती दी थी।
नागेंदर वर्ष 2023 में खैरताबाद विधानसभा सीट से बीआरएस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने 2024 में कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसी घटनाक्रम को आधार बनाते हुए उनके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि बीआरएस के टिकट पर विधायक चुने जाने के बाद कांग्रेस में शामिल होना और उसके टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ना दलबदल विरोधी प्रावधानों के दायरे में आता है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने नागेंदर के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को निरस्त करते हुए नागेंदर को विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई है और अयोग्यता 23 अप्रैल 2024 से प्रभावी मानी जाएगी।
नागेंदर की अयोग्यता का यह मामला तेलंगाना में दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।----------