18 Sep 2026
नई दिल्ली, 18 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने भारत आकर उत्तर-पूर्व के जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने के आरोपित अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइके को जमानत दे दी है। कोर्ट ने डाइके को एक लाख के निजी मुचलके और उतनी ही रकम के जमानती के आधार पर जमानत देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने 17 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) काे नोटिस जारी किया था। एनआईए ने 8 सितंबर को चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें सात विदेशी आरोपितों के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाया गया है। इनमें मैथ्यू आरोन वैन डाइके के अलावा यूक्रेन के छह नागरिकों पेट्रो हुर्बा, टरस स्लिवियाक, इवान सुकमानोवस्की, मैरियन स्टेफानकीव, मास्कीम होंचारुक और विक्टर कामिंसिकी हैं।
एनआईए ने इस मामले में यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन चार्जशीट में यूएपीए की धाराएं नहीं लगाई गई हैं। एनआईए के मुताबिक वो इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके पहले 31 अगस्त को उच्च न्यायालय ने जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
एनआईए के मुताबिक छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक विदेशी वीजा पर भारत आए और फिर मिजोरम में प्रवेश किया, जो एक संरक्षित क्षेत्र है। इसके बाद वे म्यांमार में दाखिल हुए और जातीय युद्ध समूहों से संपर्क साधा। एनआईए के मुताबिक इन विदेशी नागरिकों को म्यांमार में प्रशिक्षण दिया गया था, जिसके बाद वे जातीय युद्ध समूहों को प्रशिक्षित कर रहे थे। ये समूह भारत में सक्रिय विद्रोही समूहों से जुड़े हुए हैं। यह आरोप भी लगाया गया है कि वे यूरोप से ड्रोन की एक बड़ी खेप लेकर आए थे।