18 Sep 2026
भोपाल, 18 सितम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन अपना रास्ता खुद ढूंढ ही लेता है और जीवन की यही प्रकृति इसे और भी अधिक रोमांचक बनाती है। एक वक्त था, जब मध्य प्रदेश में गिनती के चीते हुआ करते थे। आज यहां चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर, 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना की ऐतिहासिक यात्रा अब एक नए मुकाम पर पहुंच गई है।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में ही जन्मी मादा चीता केजीपी12 के चार नन्हें शावकों को जन्म देने पर अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कूनों में बीते दिनों जन्मे चार नन्हें शावक चीता संरक्षण की हमारी यात्रा में आशा, जीवटता और सफलता का सुंदर प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता के लिये यह ऐतिहासिक और हर्ष का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल देश में चीतों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के प्रजनन और उनके संरक्षण के लिए अनुकूल बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
वर्ष 2022 से 2026 तक चीता पुनर्स्थापना का सफल सफर
17 सितंबर 2022 - नामीबिया से 8 चीते कूनो पहुंचे।
फरवरी 2023 - दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए।
फरवरी 2026 - बोत्सवाना से 9 चीते भारत लाए गए।
इन पुनर्स्थापना प्रयासों और भारत में हुए प्रजनन के परिणामस्वरूप अब कुल 56 जीवित चीते हैं।
52 से 56 - चीता परिवार में चार नए सदस्य
चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत में 52 जीवित चीते थे। केजीपी12 द्वारा 18 सितम्बर, 2026 को चार शावकों को जन्म देने के बाद अब संख्या 56 हो गई है। भारत में जन्मे चीतों की संख्या अब 36 हो गई है। नए शावकों के साथ भारत में जन्मी चीता पीढ़ी का विस्तार और मजबूत हुआ है।
मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण का हो रहा विस्तार
- वर्तमान में मध्यप्रदेश प्रोजेक्ट चीता का प्रमुख केंद्र है।
- कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 49 चीते और गांधी सागर वन्यजीव अभ्यारण्य में 3 चीते थे।
- चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीतों की संख्या 53 और मध्यप्रदेश में कुल चीता संख्या 56 हो गई है।
- कूनो के साथ गांधी सागर में भी चीता संरक्षण का सफल विस्तार किया गया है।
पुर्नस्थापना से प्रजनन तक
- 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों के साथ भारत में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत हुई थी।
- इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से भी चीते भारत लाए गए।
- भारत में हुआ चीतों का प्रजनन। भारत में जन्मी मादा द्वारा चार शावकों को जन्म देना इस यात्रा में नई उपलब्धि है।
- भारत में चीता संरक्षण पुर्नस्थापना तक ही सीमित नहीं, अब यह प्रजनन और नई पीढ़ी के संरक्षण के चरण में पहुंच चुका है।
प्रधानमंत्री की पहल और संरक्षक के रूप में मध्यप्रदेश शासन की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक पहल से शुरू हुए प्रोजेक्ट चीता को मध्यप्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और मैदानी अमले द्वारा चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, निगरानी एवं आवास प्रबंधन का कार्य लगातार पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है।