23 Sep 2026
आजमगढ़, 23 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूपुर (गहजी) गांव में मंगलवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। घर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विवाद बढ़ने पर गृहस्वामी ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी।
पूजा को लेकर पहले से चल रहा था तनाव
प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी अरविंद सिंह का परिवार अपने मृतक भाई की आत्मा की शांति के लिए घर पर पूजा-अनुष्ठान (नारायणी बलि पूजा) करवा रहा था। अरविंद इस पूजा-पाठ के खिलाफ था और उसने परिवार को इसे आयोजित न करने की चेतावनी भी दी थी।
मंगलवार शाम लगभग 6 बजे जब अरविंद बाजार से लौटा, तो घर में पूजा होते देख वह भड़क गया। उसने पूजा करवा रहे पुजारियों से पूछताछ की और उनसे पहचान पत्र (आधार कार्ड) मांगने लगा।
बहस के बाद अंधाधुंध फायरिंग
आधार कार्ड मांगने और पूजा रोकने को लेकर अरविंद की पुजारियों और अपनी पत्नी बबीता से तीखी बहस होने लगी। गुस्से में आकर अरविंद घर के अंदर गया और अपनी लाइसेंसी राइफल/रिवॉल्वर निकाल लाया। उसने अपनी पत्नी बबीता (32) और पूजा करा रहे दो पुजारियों—महेंद्र पाठक (60) व अखिलेश मिश्रा (50)—पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बच्चों को बनाया बंधक और पुलिस एनकाउंटर
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन मासूम बच्चों (जिनमें एक 7 माह का शिशु भी शामिल था) को लेकर कमरे में बंद हो गया और अंदर से खुद को कैद कर लिया।
घटना की सूचना मिलने पर आजमगढ़ एसपी, एडीजी और कई थानों की पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस की प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। जब पुलिस और कमांडो टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने अंदर से ही पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई (एनकाउंटर) के दौरान आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान उसकी गोली से उसका एक बच्चा भी घायल हो गया। अस्पताल ले जाने के दौरान आरोपी अरविंद और घायल बच्चे की मृत्यु हो गई, जबकि बाकी दोनों बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से लाइसेंसी हथियार बरामद कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।