25 Sep 2026
नई दिल्ली, 25 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट बिल्डिंग के गिरने के बाद पांच दिल्ली नगर निगम के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा 543 संपत्तियों को गिराया गया है और 178 संपत्तियों को सील कर दिया गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को ये सूचना दी। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार से पूछा कि पीजी को रेगुलेट करने संबंधी कानून का पालन कैसे किया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।
दिल्ली नगर निगम ने उच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामा में कहा है कि इस हादसे के बाद 543 संपत्तियों को गिराया गया है और 178 संपत्तियों को सील किया गया है और 354 पीजी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगर निगम ने कहा है कि संबंधित जोन के वरिष्ठ अधिकारियों को काम में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, जोन इंजीनियर भी शामिल हैं। दिल्ली नगर निगम ने कहा हि दिल्ली में केवल 512 पीजी ही मास्टर प्लान के मुताबिक चल रहे हैं।
इसके पहले 16 सितंबर को उच्च न्यायालय ने कहा था कि सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट बिल्डिंग के गिरने की घटना घोर लापरवाही और आपराधिक आचरण का नतीजा थी। 7 सितंबर को उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया था कि वो दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग के अचानक भरभराकर गिरने के मामले की उच्च-स्तरीय जांच करे। कोर्ट ने दिल्ली सरकार क निर्देश दिया था कि वो इस हादसे में फंसे छात्रों को बचाने के काम में तेजी लाए। उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि राज्य सरकार इस मामले की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम को उच्च स्तरीय जांच का आदेश देते हुए कहा था कि इस हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए। कोर्ट ने कहा था कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या किया गया ये कोर्ट को सूचित करें। उच्च न्यायालय ने इस बात पर अफसोस जताया था कि हर दो साल के बाद दिल्ली में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। आखिर दिल्ली सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रही है।
बता दें कि जिस "हॉस्टल डेज़ बॉयज़ पीजी” में हादसा हुआ वो दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक है और वो स्टूडेंट हब है। इस पीजी में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। ये हादसा 6 सितंबर को दोपहर डेढ़ बजे हुआ जिसके बाद मलबे में करीब कई छात्र दब गए।